Wednesday, January 22, 2020

Nothing is bad

Nothing is bad

इस दुनिया में कुछ भी बुरा नहीं है अगर वो अपनी जगह पर है और उसका हम सही प्रयोग करते है।
उदाहरण के लिए गुस्सा भी बुरा नहीं है यदि हम उसे दूसरों पर निकालने की बजाय उसकी energy को काम में उपयोग ले तो काम और बेहतर होगा।
आलस भी बुरा नहीं है क्योंकि एक आलसी इंसान ही किसी काम को करने के आसान तरीके खोज लेता है।
Impatient होना भी बुरा नहीं है क्योंकि काम को जल्दी करने के तरीके धैर्यवान व्यक्ति को नहीं मिल सकते। बहुत सारे innovation impatient होने की वजह से हुए हैं।
जब भी हमारे साथ कुछ होता है तो हम अक्सर ये सोचते हैं कि मेरे साथ ही बुरा क्यों होता है बल्कि हमें ये सोचना चाहिए कि जो भी मेरे साथ हुआ है उसका उपयोग करके मै क्या सीख सकता हूं, मेरी लाइफ में क्या अच्छा हो सकता है।

"Nothing is bad in this world, it depends on our attitude how we see it."

Write your puzzles in comments.

Monday, January 20, 2020

Motivational videos देखने के बाद भी कुछ क्यों नहीं बदलता?

Motivational videos
देखने के बाद भी कुछ क्यों नहीं बदलता?
क्या आपके साथ भी ऐसा होता है? आप कोई अच्छी video देखते हैं या कोई अच्छी किताब पढ़ते हैं लेकिन उसका असर एक या दो दिन से ज्यादा नहीं रहता। यह article आपको इस चुनौती से निपटने में मदद करेगा।
हम जब भी कोई किताब पढ़ते हैं या video देखते हैं तो उसमे बताई गई सभी बातें अपने जीवन में उतारने की कोशिश करते हैं और यह सब एक या दो दिन से ज्यादा नहीं चल पाता है। इसका कारण न तो यह है कि वो बाते काम की नहीं है न ही यह है कि आपमें कोई कमी है। फिर कारण क्या है?
आपने जो भी बाते सीखी वो सभी निश्चित रूप से काम की हैं लेकिन उनमें कुछ बाते ऐसी है जो आप अभी आपकी परिस्थितियों में अपना सकते हैं और कुछ ऐसी है जिन्हे आप वर्तमान परिस्थिति में नहीं अपना सकते। लेकिन हम सभी बातो को अपनाने की कोशिश करते हैं और असफल हो जाते हैं। जबकि हमें केवल वो बाते तुरंत अपनानी चाहिए जिन्हे हम वर्तमान परिस्थितियों में अपना सके।

उदाहरण के लिए आपने किसी किताब से अपने product को लोगो तक पहुंचाने के दो तरीके समझे- टीवी एड और पेम्प्लेट्स अभी और आपकी वर्तमान आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। अब यदि आप ज्यादा लोगो तक पहुंचने की जल्दी में टीवी एड का सहारा लेते हो और यदि किसी कारणवश आपका product नहीं चल पाया तो आप बुरी तरह फ्लॉप हो जाते हो। लेकिन यदि आपने अपनी परिस्थिति के अनुसार पेम्प्लेट्स का सहारा लिया होता तो product फ्लॉप होने पर भी आपको इतना बड़ा नुकसान नहीं होता और चल गया तो आपको कम देकर ज्यादा फायदा होता।

हमे सभी सीखी बातो में से केवल वो बाते तुरंत अपनानी चाहिए जिन्हे हम आज की परिस्थिति में अपना सके और अन्य बातों को अपनाने के लिए पहले उस परिस्थिति में पहुंचो, फिर अपनाओ।

"Don't Follow all but that one which you can apply just now."


Wednesday, January 15, 2020

Army day special

A tribute to Indian Army

Army शान है मेरे देश 🇮🇳 की, 
हरा रंग पहचान है उसके भेष की,
गर्व करते हैं हम सब उन पर,
जान की बाज़ी लगाते हैं वो न जाने कब कब,
हर रात हम चैन से सोते हैं,
वो अपने घरवालों को याद करके रोते हैं,
अपने बच्चों को याद करके मरने का डर उनको भी लगता है,
देश पर आंच न आए कोई, इसलिए हर फौजी गर्व से लडता है
इसे इंडियन आर्मी कहते हैं जिससे फटती है हर विदेश की,
Army शान है मेरे देश 🇮🇳 की।
कभी बर्फ पर तो कभी रेगिस्तान पर वो सोता है,
दुश्मनों को तो 😀😀 बिना साबुन सर्फ के धोता है,
भारत का एक एक फौजी 10-10 को पेलेगा,
मरने की हालत में भी खड़ा होकर बोलता है मै खेलेगा,
कभी जम्मू की बर्फ तो कभी जैसलमेर की धूप में,
इंडियन आर्मी से पंगा न लेना करता न जोक मैं,
भगत सिंह का जोश है इनमें हिलती थी जिनसे अंग्रेज की,
आर्मी हैं शान मेरे देश 🇮🇳 की।
हाई जोश है इनको न रोक,
कर देंगे सांसे तेरी ब्लॉक,
चोटी हो कोई भी झंडा ये गाड़ देंगे,
हल्ला न करना सब कुछ उखाड़ देंगे,
बीच में न बोलना वरना ये लात देंगे,
एक ही थप्पड़ में सारी उतार देंगे,
लड़ना न वरना हो जाएगी बेइज्जती,
Army है शान मेरे देश 🇮🇳 की।

Feeling proud Indian Army


Tuesday, January 14, 2020

Being impatient is not bad.

BEING IMPATIENT IS NOT BAD

You always heard that we should keep patience in every work. But being impatient is not bad everytime.
For example:-
Someone was impatient to reach anywhere, so we got innovation of car, plane, train etc.

Someone was impatient to talk other one, so we got telephone.
Someone was impatient to wait for taxi, auto etc, so we got ola, Uber etc.
Someone was impatient to wait for the day for light, so we got bulb.
If you are impatient than you can find the faster way to do a work.

Write your puzzles in comments.
For video click here

Wednesday, January 8, 2020

Why do we get fail?

Why do we get fail?

Have you got failed in any work, even you have tried a lot? In this blog I will help you to know why do we get fail and how to overcome it.
When we do any work, we don't take interest in work but we remain interested in whatever we will get from that work like name, fame, money etc. So we get lose focus on work and we get fail.


We are only interested in results not in work so we get lose focus on work that's why we get fail. Results are not in our hand, so there is no profit in focusing on the results. Only work is in our hand, so we should focus on work. We should try to make better our work. If work will be done with your 💯 than results will be automatically best.
You can take any example like Sandeep maheshwari, Vivek bindra who have more than 10 million subscribers on YouTube, have got succeed only because of their focus on work.
"Focus on work instead of results."
For video click here 




What is plan?

What is plan?

Do you know how to make a best plan? If not than this article will help you in making a best plan with help of seven steps.

What is plan?

Which gives answer to all these questions why, what, how, who, when, where and how much, is called a plan.
1. Why?


Answer of this question is the purpose of doing that particular work.
This purpose will help you in getting up when you would be thinking to give up.
2. What?
Answer of this question is that particular work which you want to do. It can be anything like your health goal, career goal, relationship goal etc.
3. How?
For your goal you have to learn any skill from any source. For example you have to take some technical knowledge, behavioral skill etc. For this you will need to read some books, need to watch some videos or any training.

Wednesday, December 25, 2019

A heart touching poem based on true events
Narendra Yadav

कभी गुंजन तो कभी आसिफा तो कभी ट्विंकल,
न हम आज जागे है न जागे थे कल।
कभी दिल्ली तो कभी मुम्बई,
कभी हैदराबाद तो कभी अलीगढ़
न हम आज जागे है न जागे थे कल।।
वो दर्द में चीखी चिल्लाई,
हमने सिर्फ मोमबत्तियां जलाई।
उसने सरिया को जिस्म के आरमपर किया,
हमने एक को नाबालिग करार दिया।
उस नन्ही सी जान को उन दानवो ने कुचल डाला,
और हमने बदले में सिर्फ जुलूस निकाला।

उन 45 मिनटों में चीखती रही हर पल,
न हम आज जागे है न जागे थे कल।
जब बारी बारी उसका रेप हो रहा था,
हमारा पूरा समाज चैन की नींद सो रहा था।
इस घटना ने तो पूरे समाज को हिला दिया,
रेप तो रेप उसे जिंदा भी जला दिया।

दो दिन तक हमने भी शोक जताया,
फिर एक और रेप के इंतजार में हो गए सब नॉर्मल,
न हम आज जागे है न जागे थे कल।
अपनी ईगो में आकर तेजाब से उसका चेहरा जला दिया,
गलती सिर्फ इतनी थी उसकी कि उसने प्रपोजल ठुकरा दिया।

जब इंसाफ के लिए कानून से मदद की आस लगाई,
दोष किसी और का था पर शक्ल भी उसी ने छुपाई।
माँ बाप कोर्ट के चक्कर काटते रहे पर निकला न कोई हल,
न हम आज जागे है न जागे थे कल।।
For video click here